है नुक़्ता यही जिस पर ईमान सभी का है आया है जो दुनिया में लाज़िम उसे जाना है बर्दाश्त नहीं करतीं कहती हैं ये जागीरें तुम तो गए दुनिया से बस नाम हटाना है
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क्या ख़बर कौन था वो, और मेरा क्या लगता था जिस सेे मिल कर मुझे, हर शख़्स बुरा लगता था
Tehzeeb Hafi
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वो जिस पर उस की रहमत हो वो दौलत माँगता है क्या मोहब्बत करने वाला दिल मोहब्बत माँगते है क्या तुम्हारा दिल कहे जब भी उजाला बन के आ जाना कभी उगता हुआ सूरज इजाज़त माँगता है क्या
Ankita Singh
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प्यार दो बार थोड़ी होता है हो तो फिर प्यार थोड़ी होता है यही बेहतर है तुम उसे रोको मुझ सेे इनकार थोड़ी होता है
Zubair Ali Tabish
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अब उस सेे दोस्ती है जिस सेे कल मुहब्बत थी अब इस सेे ज़्यादा बुरा वक़्त कुछ नहीं है दोस्त
Vishal Singh Tabish
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मैं तुम्हें बद्दुआएं देता हूँ ताकि तुम मेरा दर्द जान सको तुम जिसे चाहते हो मर जाए और तुम उस के बा'द ज़िंदा रहो
Afkar Alvi
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अजब है इम्तिहान-ए-ज़िंदगी 'असलम' जहाँ में इसी पर्चे में हल भी है इसी में मसअला है
Javed Aslam
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पुराने घर के मलबे पर नई कुर्सी बना कर जो मकाँ हम ने बिठाया है मज़ार-ए-दौर-ए-बचपन है
Javed Aslam
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मतलब पेपर-वेट के जैसा होता है रिश्तों के काग़ज़ पे ये बैठा होता है
Javed Aslam
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ज़िन्दगी से बड़ी अता ही नहीं शुक्र कैसे करूँँ पता ही नहीं
Javed Aslam
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एक मंज़िल पर पहुँचकर दूसरी पे थी नज़र रास्तों में ही हमारी उम्र सारी कट गई
Javed Aslam
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