मतलब पेपर-वेट के जैसा होता है रिश्तों के काग़ज़ पे ये बैठा होता है
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रातें किसी याद में कटती हैं और दिन दफ़्तर खा जाता है दिल जीने पर माएल होता है तो मौत का डर खा जाता है सच पूछो तो 'तहज़ीब हाफ़ी' मैं ऐसे दोस्त से आज़िज़ हूँ मिलता है तो बात नहीं करता और फोन पे सर खा जाता है
Tehzeeb Hafi
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मन में एक इरादा होता है ताबिश राजा पहले प्यादा होता है ताबिश मानता हूँ मजबूरियाँ थीं कुछ दिक्कत थी पर वा'दा तो वा'दा होता है ताबिश
Vishal Singh Tabish
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जहाँ तक मुझ सेे मतलब है जहाँ को वही तक मुझ को पूछा जा रहा है ज़माने पर भरोसा करने वालों भरोसे का ज़माना जा रहा है
Naeem Akhtar Khadimi
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अब मैं समझा तिरे रुख़्सार पे तिल का मतलब दौलत-ए-हुस्न पे दरबान बिठा रक्खा है
Qamar Moradabadi
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क्या ग़लत-फ़हमी में रह जाने का सदमा कुछ नहीं वो मुझे समझा तो सकता था कि ऐसा कुछ नहीं इश्क़ से बच कर भी बंदा कुछ नहीं होता मगर ये भी सच है इश्क़ में बंदे का बचता कुछ नहीं
Tehzeeb Hafi
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उसी से प्यार है जिस से हमें नाराज़गी भी है जहाँ पर बैर होता है वहीं वाबस्तगी भी है
Javed Aslam
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याद वो लौटा गए लेकिन मिरा एक दिल भी था वहाँ खोया हुआ
Javed Aslam
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चाँद दर्पण में उतारा कि उसे छू पाऊँ फ़ासलों में न कमी हो सकी रत्ती भर भी
Javed Aslam
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रेलगाड़ी है ये जहाँ अपना मंज़िलें अपनी अपने सामाँ हैं हम सफ़र थे जो एक दो पल के मेरे दिल के वो ख़ास मेहमाँ हैं
Javed Aslam
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वो मुहब्बत के इवज़ जान भी दे देते हैं रस्म सदियों से यही आम है परवानों में
Javed Aslam
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