वो मुहब्बत के इवज़ जान भी दे देते हैं रस्म सदियों से यही आम है परवानों में
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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हम को पहले से पता था है ख़सारा लेकिन फ़ैसले दिल के ही भारी पड़े मीज़ानों में
Javed Aslam
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वो रास्ते भी आज कई मंज़िला हुए मेरा जो रास्ता था ज़मीं पर नहीं रहा
Javed Aslam
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है नुक़्ता यही जिस पर ईमान सभी का है आया है जो दुनिया में लाज़िम उसे जाना है बर्दाश्त नहीं करतीं कहती हैं ये जागीरें तुम तो गए दुनिया से बस नाम हटाना है
Javed Aslam
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हैं जो आईन मुहब्बत के मुख़ालिफ़ 'असलम' पास होते नहीं दिल वालों के एवानों में
Javed Aslam
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ठोकरें खाते हुए इक दरिया जा समुंदर में गिरा बिल-आख़िर
Javed Aslam
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