हैं पाँच संतानें मेरे घर कुंती की भी कोई भी दुख हो पाँचों में बँट जाता है
Related Sher
हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
373 likes
जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
368 likes
देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
300 likes
हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
298 likes
मर चुका है दिल मगर ज़िंदा हूँ मैं ज़हर जैसी कुछ दवाएँ चाहिए पूछते हैं आप आप अच्छे तो हैं जी मैं अच्छा हूँ दुआएँ चाहिए
Jaun Elia
302 likes
More from Lalit Sachdeva
तुझ सेे पहले मैं ने उस को रक्खा नइँ रब को मुझ सेे यही शिकायत होती है
Lalit Sachdeva
2 likes
टूट के भी मेरा दिल तेरा ही रहेगा टूट के भी तारे नभ के कहलाते हैं
Lalit Sachdeva
3 likes
ले दे कर अब मुझ में सिर्फ़ बचा है तू पहले कहता तो मैं तुझ में ढलता नहीं
Lalit Sachdeva
3 likes
जब भी माँ ने तेरे बारे पूछा है साया माँ को उस ही का मैं दिखाता हूँ
Lalit Sachdeva
3 likes
मेरा दिल जब ज़ोर से रोने लगता है आँखें माँ से पहले तुझ को ढूँढती हैं
Lalit Sachdeva
3 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Lalit Sachdeva.
Similar Moods
More moods that pair well with Lalit Sachdeva's sher.







