sherKuch Alfaaz

हैरान इस क़दर भी हमपर न हों ख़ुदारा एक शक़्स बच गया है नाराज़ कर रहे हैं

Related Sher

मेरे होंटों पे अपनी प्यास रख दो और फिर सोचो कि इस के बा'द भी दुनिया में कुछ पाना ज़रूरी है

Waseem Barelvi

126 likes

उस के होंटों पे रख के होंट अपने बात ही हम तमाम कर रहे हैं

Jaun Elia

128 likes

जहान भर में न हो मुयस्सर जो कोई शाना, हमें बताना नहीं मिले गर कोई ठिकाना तो लौट आना, हमें बताना कुछ ऐसी बातें जो अनकही हों, मगर वो अंदर से खा रही हों लगे किसी को बताना है पर नहीं बताना, हमें बताना

Vikram Gaur Vairagi

63 likes

उस ने देखा मुझ को तो कुण्डी लगानी छोड़ दी फिर मिरे होंठों पे इक आधी कहानी छोड़ दी मैं छुपाए फिर रहा था इश्क़ अपने गाँव में और फिर ज़ालिम ने गर्दन पे निशानी छोड़ दी

nakul kumar

67 likes

छू लेने दो नाज़ुक होंठों को, कुछ और नहीं हैं जाम हैं ये क़ुदरत ने जो हम को बख़्शा है, वो सब सेे हसीं ईनाम हैं ये

Sahir Ludhianvi

63 likes

Similar Writers

View All ›

Our suggestions based on Jaani Lakhnavi.

Similar Moods

View All ›

More moods that pair well with Jaani Lakhnavi's sher.