हम तेरे बा'द किसी और के भी हो जाते था तो मुमकिन ये मगर दिल ने गवारा न किया
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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सभी का ख़ून है शामिल यहाँ की मिट्टी में किसी के बाप का हिन्दुस्तान थोड़ी है
Rahat Indori
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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मुद्दतों बा'द इक शख़्स से मिलने के लिए आइना देखा गया, बाल सँवारे गए
Jaun Elia
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दिल ना-उमीद तो नहीं नाकाम ही तो है लंबी है ग़म की शाम मगर शाम ही तो है
Faiz Ahmad Faiz
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आज फिर दिल किसी का टूटेगा शाख़ से इक गुलाब टूटा है
Khalid Azad
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मैं भी तो इसी ख़ाक से तामीर हुआ हूँ मुझ में भी कई रंग ज़माने के मिलेंगे
Khalid Azad
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तुम्हारे ख़्वाब आँखों में सजा कर किसी दिल में ठिकाना कर रहे हैं
Khalid Azad
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इक रोज़ अपनी सारी थकन को उतार कर जाना पड़ेगा यार बदन को उतार कर
Khalid Azad
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परतों दर परतों में चेहरा खोलेंगे धीरे धीरे दिल अब सब का टूटेगा
Khalid Azad
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