हमारे बा'द भी कल इक नए मौसम को आना है हमें उस के लिए अच्छा सा इक रस्ता बनाना है
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रक़ीब आ कर बताते हैं यहाँ तिल है वहाँ तिल है हमें ये जानकारी थी मियाँ पहले बहुत पहले
Anand Raj Singh
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और फिर एक दिन बैठे बैठे मुझे अपनी दुनिया बुरी लग गई जिस को आबाद करते हुए मेरे मां-बाप की ज़िंदगी लग गई
Tehzeeb Hafi
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ज़िंदगी भर के लिए दिल पे निशानी पड़ जाए बात ऐसी न लिखो, लिख के मिटानी पड़ जाए
Aadil Rasheed
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उलझ कर के तेरी ज़ुल्फ़ों में यूँँ आबाद हो जाऊँ कि जैसे लखनऊ का मैं अमीनाबाद हो जाऊँ मैं यमुना की तरह तन्हा निहारूँ ताज को कब तक कोई गंगा मिले तो मैं इलाहाबाद हो जाऊँ
Ashraf Jahangeer
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मैं क्या बताऊँ वो कितना क़रीब है मेरे मेरा ख़याल भी उस को सुनाई देता है वो जिस ने आँख अता की है देखने के लिए उसी को छोड़ के सब कुछ दिखाई देता है
Zubair Ali Tabish
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ज़रा सी पी जो ली हम ने बपा है क्यूँ ये हंगामा दिवाने मीर-ओ-ग़ालिब के करें ना ये करें तो क्या
Aditya
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तुम्हारे चाहने वाले हज़ारों लोग हैं लेकिन हमारे जैसा उन में कोई लासानी हो तो जानू
Aditya
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बस इक ही घूंट पीने पर कभी फिर होंट ना सूखें हमारी प्यास को क्यूँ ऐसा मयखाना नहीं मिलता
Aditya
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अब तलक कौन मेरे जैसा मिला है मुझ को बस इसी बात का उस रब से गिला है मुझ को
Aditya
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हुनर ये इश्क़ करने के किताबों में नहीं मिलते कँवल हैं दिल के कीचड़ के ये काग़ज़ पर नहीं खिलते
Aditya
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