हाँ ये लहजा तिरा बता रहा हैं पहले सी बात अब नहीं तुझ में ख़ुद को तुम क्यूँ बदलती जा रही हो ऐसा भी क्या ही मिल गया है तुम्हें
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मंज़िलें क्या हैं, रास्ता क्या है हौसला हो तो फ़ासला क्या है
Aalok Shrivastav
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उस को फ़ुर्सत नहीं मिलती कि पलट कर देखे हम ही दीवाने हैं दीवाने बने रहते हैं
Waseem Barelvi
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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यूँँ मोहब्बत की क़सम खा बिछड़े वहाँ इक अलग दुनिया बसाई हम ने जहाँ मुझ से डरती है मेरी परछाई भी अब सो है मेरे साथ बस तन्हाई यहाँ
Shams Amiruddin
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दौलत भी शोहरत भी निछावर तुझ पे सब रस्म-ए-मोहब्बत तुम निभाओ तो सही
Shams Amiruddin
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मोहब्बत जो समझते हैं वहीं हम को समझते हैं फ़क़त अब हम हक़ीकत भी यूँँ ख़्वाबों को समझते हैं
Shams Amiruddin
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मैं एक रोज़ ख़ुद को ऐसा बनाऊँगा ओ खोने वाले तुझ को फिर याद आऊँगा आती है इस क़दर मुझ को याद गाँव की तुम देखना किसी दिन मैं लौट आऊँगा
Shams Amiruddin
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इंसाँ के रग से ख़ूँ बहाए जिस ने कल डर तक न थी चेहरे पे उस ख़ूँ-ख़ार के
Shams Amiruddin
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