हर इक बात के बा'द हम फिर बिछड़ जाने पर राज़ी तो थे
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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बड़े नादान हो तुम भी ज़रा समझा करो बातें गले मिल कर जो रोती है बिछड़ कर कितना रोएगी
Ankita Singh
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अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
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कितने ऐश से रहते होंगे कितने इतराते होंगे जाने कैसे लोग वो होंगे जो उस को भाते होंगे
Jaun Elia
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वो मिरी रातों को तन्हा कर गई है कुछ नहीं बाक़ी मिरी जाँ मर गई है
Yaduvanshi Abhishek
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जो उस सेे हो गया था तब यक़ीनन अब नहीं होगा ख़ुद अपनी ही कहानी में यक़ीनन सब नहीं होगा भरोसा इश्क़ यारी सब रहा बेकार उस के बिन जो पागल था जवानी में यक़ीनन अब नहीं होगा
Yaduvanshi Abhishek
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ऊपर वाला सब को देगा सबकी बारी आएगी ये सारी अफवाहें हैं इनको अफवाहें रहने दो
Yaduvanshi Abhishek
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छोड़ दीं सारी मनमानियाँ अब तो मैं बस सही चुनता हूँ शाम ढलते ही सो जाता हूँ अब मैं सपने नहीं बुनता हूँ
Yaduvanshi Abhishek
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मैं जब जब सो रहा हूँ किसी को खो रहा हूँ जवानी के दिनों में मैं पागल हो रहा हूँ
Yaduvanshi Abhishek
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