हर गुज़रते ही साल लगता है अब नया वाला साल है अपना
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गले मिलना न मिलना तो तेरी मर्ज़ी है लेकिन तेरे चेहरे से लगता है तेरा दिल कर रहा है
Tehzeeb Hafi
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अब लगता है ठीक कहा था 'ग़ालिब' ने बढ़ते बढ़ते दर्द दवा हो जाता है
Madan Mohan Danish
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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क्या ख़बर कौन था वो, और मेरा क्या लगता था जिस सेे मिल कर मुझे, हर शख़्स बुरा लगता था
Tehzeeb Hafi
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तुम जो आए तो फिर लगा ऐसा मिल गई फिरसे ज़िंदगी मुझ को
Abhishek Dhakad
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हर तरफ़ उस के रौशनी होगी माँग सिंदूर से भरी होगी वो वफ़ादार तो थी मेरे दोस्त उस की कोई तो बेबसी होगी
Abhishek Dhakad
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किसी भी हुस्न की ख़ातिर इबादत ही नहीं करते जो बंदे टूट जाते हैं मुहब्बत ही नहीं करते
Abhishek Dhakad
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ख़्वाहिशों का गला दबाना है छोड़ती कब है नौकरी मुझ को
Abhishek Dhakad
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तुझे मुझ सेे ये कैसी है शिकायत तेरा भी यार मैं दूजा रहा हूँ
Abhishek Dhakad
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