तुम जो आए तो फिर लगा ऐसा मिल गई फिरसे ज़िंदगी मुझ को
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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हम को दिल से भी निकाला गया फिर शहर से भी हम को पत्थर से भी मारा गया फिर ज़हरस भी
Azm Shakri
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तुझे मुझ सेे ये कैसी है शिकायत तेरा भी यार मैं दूजा रहा हूँ
Abhishek Dhakad
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हर गुज़रते ही साल लगता है अब नया वाला साल है अपना
Abhishek Dhakad
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हर तरफ़ उस के रौशनी होगी माँग सिंदूर से भरी होगी वो वफ़ादार तो थी मेरे दोस्त उस की कोई तो बेबसी होगी
Abhishek Dhakad
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किसी भी हुस्न की ख़ातिर इबादत ही नहीं करते जो बंदे टूट जाते हैं मुहब्बत ही नहीं करते
Abhishek Dhakad
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आबरू ना लुटे किसी की अब है हवस की दवा पता करना
Abhishek Dhakad
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