किसी भी हुस्न की ख़ातिर इबादत ही नहीं करते जो बंदे टूट जाते हैं मुहब्बत ही नहीं करते
Related Sher
बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
1244 likes
तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
1279 likes
शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
839 likes
किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
594 likes
मुद्दतें गुज़र गई 'हिसाब' नहीं किया न जाने अब किस के कितने रह गए हम
Kumar Vishwas
271 likes
More from Abhishek Dhakad
हर तरफ़ उस के रौशनी होगी माँग सिंदूर से भरी होगी वो वफ़ादार तो थी मेरे दोस्त उस की कोई तो बेबसी होगी
Abhishek Dhakad
0 likes
हर गुज़रते ही साल लगता है अब नया वाला साल है अपना
Abhishek Dhakad
0 likes
तुझे मुझ सेे ये कैसी है शिकायत तेरा भी यार मैं दूजा रहा हूँ
Abhishek Dhakad
1 likes
आबरू ना लुटे किसी की अब है हवस की दवा पता करना
Abhishek Dhakad
1 likes
तुम जो आए तो फिर लगा ऐसा मिल गई फिरसे ज़िंदगी मुझ को
Abhishek Dhakad
1 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Abhishek Dhakad.
Similar Moods
More moods that pair well with Abhishek Dhakad's sher.







