आबरू ना लुटे किसी की अब है हवस की दवा पता करना
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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दर्द हो दिल में तो दवा कीजे दिल ही जब दर्द हो तो क्या कीजे
Mirza Ghalib
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गुनाहगार को इतना पता तो होता है जहाँ कोई नहीं होता ख़ुदा तो होता है
Waseem Barelvi
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हर गुज़रते ही साल लगता है अब नया वाला साल है अपना
Abhishek Dhakad
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हर तरफ़ उस के रौशनी होगी माँग सिंदूर से भरी होगी वो वफ़ादार तो थी मेरे दोस्त उस की कोई तो बेबसी होगी
Abhishek Dhakad
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किसी भी हुस्न की ख़ातिर इबादत ही नहीं करते जो बंदे टूट जाते हैं मुहब्बत ही नहीं करते
Abhishek Dhakad
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तुम जो आए तो फिर लगा ऐसा मिल गई फिरसे ज़िंदगी मुझ को
Abhishek Dhakad
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ख़्वाहिशों का गला दबाना है छोड़ती कब है नौकरी मुझ को
Abhishek Dhakad
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