हर शख़्स पर किया न करो इतना ए'तिमाद हर साया-दार शय को शजर मत कहा करो
sherKuch Alfaaz
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दिल से साबित करो कि ज़िंदा हो साँस लेना कोई सुबूत नहीं
Fahmi Badayuni
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अब उस की शादी का क़िस्सा न छेड़ो बस इतना कह दो कैसी लग रही थी
Zubair Ali Tabish
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तूफ़ानों से आँख मिलाओ सैलाबों पे वार करो मल्लाहों का चक्कर छोड़ो तैर के दरिया पार करो
Rahat Indori
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ख़ुद को इतना भी मत बचाया कर बारिशें हों तो भीग जाया कर काम ले कुछ हसीन होंठों से बातों बातों में मुस्कुराया कर
Shakeel Azmi
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ख़ुशी से काँप रही थीं ये उँगलियाँ इतनी डिलीट हो गया इक शख़्स सेव करने में
Fahmi Badayuni
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