हसद तो फूलों को आया होगा वो जब ज़रा मुसकुराया होगा
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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अब इन जले हुए जिस्मों पे ख़ुद ही साया करो तुम्हें कहा था बता कर क़रीब आया करो मैं उस के बा'द महिनों उदास रहता हूँ मज़ाक में भी मुझे हाथ मत लगाया करो
Tehzeeb Hafi
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ज़रा ठहरो कि शब फीकी बहुत है तुम्हें घर जाने की जल्दी बहुत है ज़रा नज़दीक आ कर बैठ जाओ तुम्हारे शहर में सर्दी बहुत है
Zubair Ali Tabish
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आज का दिन भी ऐश से गुज़रा सर से पाँव तक बदन सलामत है
Jaun Elia
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इल्म जब होगा किधर जाना है हाए तब तक तो गुज़र जाना है
Madan Mohan Danish
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वो जो उस की आँखें हैं मुसलसल किताबें हैं
Mohsin Ahmad Khan
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ये मिसरा तेरी मेरी उस मोहब्बत की वज़ाहत है तुझे मुझ से मोहब्बत थी मुझे तुझ से मोहब्बत है
Mohsin Ahmad Khan
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दिल के कूँचे को आबाद कर भूले से, पर मुझे याद कर
Mohsin Ahmad Khan
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ग़लत था या सही था वो मगर अपना कभी था वो
Mohsin Ahmad Khan
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हम-नवाई इस जहाँ की यकसाँ तन्हाई ही तो है कोई कितना हो करीबी साथ परछाई ही तो है
Mohsin Ahmad Khan
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