हवा बुझा देती है जिन के घर के चिरागों को वो जला नहीं सकते अपने हाथों से चिरागों को वो
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हिम्मत, ताकत, प्यार, भरोसा जो है सब इनसे ही है कुछ नंबर हैं जिन पर मैं ने अक्सर फोन लगाया है
Pratap Somvanshi
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नज़र आए न तू जिन को परेशानी से मरते हैं जो तुझ को देख लेते हैं वो हैरानी से मरते हैं
Varun Anand
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मैं ने बस इतना पूछा था क्या देखते हो भला मैं ने ये कब कहा था मुझे देखना छोड़ दो गीली मिट्टी की ख़ुशबू मुझे सोने देती नहीं मेरे बालों में तुम उँगलियाँ फेरना छोड़ दो
Tajdeed Qaiser
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इस नदी की धार में ठंडी हवा आती तो है नाव जर्जर ही सही, लहरों से टकराती तो है
Dushyant Kumar
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हवा चली तो उस की शॉल मेरी छत पे आ गिरी ये उस बदन के साथ मेरा पहला राब्ता हुआ
Zia Mazkoor
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न देखो डालकर आँखों में आँखें तुम नहीं , आँखें तेरी गीली हो जाएँगी
Vivek Chaturvedi
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जीने लगा हूँ मैं भी तब से मरने लगा हूँ तुझ पे जब से
Vivek Chaturvedi
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याद कर लेता हूँ रोज़ हर किसी को ज़िन्दगी जाने कब इम्तिहान लेले
Vivek Chaturvedi
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हम को आज़माया जा रहा था सब कुछ सच बताया जा रहा था पाबंदी सिखाई गई हमें जब तब भी वक़्त ज़ाया' जा रहा था
Vivek Chaturvedi
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करते थे फ़क़त हम याद या'नी अब हम को भुलाया जा रहा था
Vivek Chaturvedi
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