हजारों की गड्डी पड़ी थीं मगर मुझे एक सिक्के की ख़्वाहिश रही
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ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
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ख़ुद से भी मिल न सको, इतने पास मत होना इश्क़ तो करना, मगर देवदास मत होना देखना, चाहना, फिर माँगना, या खो देना ये सारे खेल हैं, इन में उदास मत होना
Kumar Vishwas
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ख़ुशी से काँप रही थीं ये उँगलियाँ इतनी डिलीट हो गया इक शख़्स सेव करने में
Fahmi Badayuni
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ज़मीं पे घर बनाया है मगर जन्नत में रहते हैं हमारी ख़ुश-नसीबी है कि हम भारत में रहते हैं
Mehshar Afridi
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मैं क्या कहूँ के मुझे सब्र क्यूँँ नहीं आता मैं क्या करूँँ के तुझे देखने की आदत है
Ahmad Faraz
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ये कमीने वक़्त पर वापस नहीं देते दोस्तों को तुम कभी पैसे नहीं देना
Raja Singh 'Kaabil'
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याद मुझ को उस ने इतना कर लिया हिचकियों से साँस मेरी रुक गई
Raja Singh 'Kaabil'
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तुम रखो बंदूक़ मेरे सर पे लेकिन मैं सनम लव यूँ तुम्हें कह कर रहूँगा
Raja Singh 'Kaabil'
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'मुनव्वर' जा चुके हो तुम हमें क्यूँ अलविदा कह कर यहाँ माँ के लिए अब शे'र बोलो कौन लिक्खेगा
Raja Singh 'Kaabil'
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तू ख़ुश है या कोई दिक़्क़त है तुझ को तेरी पूरी ख़बर लाया करेंगे तेरी ससुराल में बन कर भिखारी तुझे हम देखने आया करेंगे
Raja Singh 'Kaabil'
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