होते थे मेरे भी अपने पास मेरे अब तो है कुछ तन्हा रस्ते पास मेरे वो तो हर दिन अपना रंग बदलती है दो जोड़ी कपड़े हैं गिनके पास मेरे
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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कोई शहर था जिस की एक गली मेरी हर आहट पहचानती थी मेरे नाम का इक दरवाज़ा था इक खिड़की मुझ को जानती थी
Ali Zaryoun
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कोई हसीन बदन जिन की दस्तरस में नहीं यही कहेंगे कि कुछ फ़ाएदा हवस में नहीं
Umair Najmi
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इतना संगीन पाप कौन करे मेरे दुख पर विलाप कौन करे चेतना मर चुकी है लोगों की पाप पर पश्चाताप कौन करे
Azhar Iqbal
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प्यास अगर मेरी बुझा दे तो मैं जानू वरना तू समुंदर है तो होगा मेरे किस काम का है
Rahat Indori
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उलझा कर जिस को ये दुनिया रखती है सादा सी प्यारी सी अच्छी लड़की है
Aman Mishra 'Anant'
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हूँ यूँँ टूटा नहीं था जानता मैं मुझे मेरी हँसी से ख़ुश लगा मैं उसे मिलना तो था बेबाक होकर वो आई सामने तो बिछ गया मैं
Aman Mishra 'Anant'
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शौक़ घिनौना है जी उस का प्रेम खिलौना है जी उस का फिर इक बारी मरना होगा कल को गौना है जी उस का
Aman Mishra 'Anant'
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प्रेम की बात जब भी होती है दिल में इक बे-दिली सी होती है तुम जो सो पाओ तो बता देना चैन की नींद कैसी होती है
Aman Mishra 'Anant'
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ये जो ढलती हुई जवानी है हर नए साल की कहानी है देख आँखें मेरी बता मुझ को इस में किस नाम की निशानी है
Aman Mishra 'Anant'
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