हम को भी है एक जहाँ का सारा ग़म उस को भी कोई बात सताए, क्या कीजे
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है
Tehzeeb Hafi
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क्यूँ डरें ज़िन्दगी में क्या होगा कुछ न होगा तो तजरबा होगा
Javed Akhtar
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ये रातें कैसी राइगानी में कट रही है बची खुची सांसे भी पानी में कट रही है
Vinay Khandelwal
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वो अब जाने आगे उस को क्या करना है वैसे भी अब मैं ने लड़ना छोड़ दिया है
Vinay Khandelwal
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रात से मुझ को बैर नहीं है याद से तेरी डरता हूँ बस
Vinay Khandelwal
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रात अँधेरी काले साए याद किसी की बढ़ती जाए आँखें हम को दी ही क्यूँँ है बंद भी हो तो भरती जाए
Vinay Khandelwal
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तुझ को मेरी आमद की अब क्या ही चिंता लोग रखे हैं तू ने अब तो नए-नवेले
Vinay Khandelwal
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