तुझ को मेरी आमद की अब क्या ही चिंता लोग रखे हैं तू ने अब तो नए-नवेले
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परों को खोल ज़माना उड़ान देखता है ज़मीं पे बैठ के क्या आसमान देखता है
Shakeel Azmi
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है
Allama Iqbal
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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वो अब जाने आगे उस को क्या करना है वैसे भी अब मैं ने लड़ना छोड़ दिया है
Vinay Khandelwal
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ये गर्दिश ये मौसम ये राहें पुरानी मोहब्बत में भीगी ये आहें पुरानी
Vinay Khandelwal
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सारी बातें छोड़ तू मुझ को रोने दे ये रिश्ता भी तोड़ तू मुझ को रोने दे
Vinay Khandelwal
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तेरे पास ना जाने कैसे कैसों की हमदर्दी है मेरा तो बस तू ही रब था तू ने वो भी छीन लिया
Vinay Khandelwal
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पाने को हम पा सकते थे सारी ख़ुशियाँ तेरे पीछे दुनिया हारे हुई मोहब्बत
Vinay Khandelwal
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