इक गुल को हाथों से छू कर उस ने भँवरों के होंठ गुलाबी कर डाले
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ख़ुद को इतना भी मत बचाया कर बारिशें हों तो भीग जाया कर काम ले कुछ हसीन होंठों से बातों बातों में मुस्कुराया कर
Shakeel Azmi
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तुझ को छू कर और किसी की चाह रखें हैरत है और लानत ऐसे हाथों पर
Varun Anand
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कोई होंठों पे उँगली रख गया है उसी दिन से मैं लिखकर बोलता हूँ
Fahmi Badayuni
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नई फ़स्लों को ये कुछ और से कुछ और करते हैं गुलाबों की जो ख़ुशबू ढूॅंढ़ते हैं रातरानी में
nakul kumar
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मैं चाहता था कि उस को गुलाब पेश करूँँ वो ख़ुद गुलाब था उस को गुलाब क्या देता
Afzal Allahabadi
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ये भी मशहूर था कूचे में उस के जिसे तुम लोग पागल कह रहे हो
Rohit Gustakh
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तुम्हें कैसे बताएँ हम कि कैसे हैं बिना उस के उसे बस ये बताना तुम कि अच्छे हैं बिना उस के वो पूछे तो बता देना हमारा हाल ये उस को मुकम्मल ख़्वाब आँखों में अधूरे हैं बिना उस के
Rohit Gustakh
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हमारे लिए बे-वफ़ा है वो लड़की तुम्हारे लिए जो अभी देवता है
Rohit Gustakh
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किसे मालूम था क्या कर चुका था मैं मुझे जब होश आया मर चुका था मैं
Rohit Gustakh
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इशारे में उस ने कहा मुस्कुरा कर इशारे से तुम को इशारा करेंगे
Rohit Gustakh
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