कोई होंठों पे उँगली रख गया है उसी दिन से मैं लिखकर बोलता हूँ
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है
Tehzeeb Hafi
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तपते सहराओं में सब के सर पे आँचल हो गया उस ने ज़ुल्फ़ें खोल दीं और मसअला हल हो गया
Tehzeeb Hafi
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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मेरी पहली नज़र लौटा दे मुझ को तेरी जानिब दुबारा देखना है
Fahmi Badayuni
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आज पैवंद की ज़रूरत है ये सज़ा है रफ़ू न करने की
Fahmi Badayuni
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जो मोहब्बत लुटाया करते थे वो तराज़ू ख़रीद लाए हैं
Fahmi Badayuni
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जब तलक क़ुव्वत-ए-तख़य्युल है आप पहलू से उठ नहीं सकते
Fahmi Badayuni
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कमरा खोला तो आँख भर आई ये जो ख़ुशबू है जिस्म थी पहले
Fahmi Badayuni
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