इक जलपरी को जाल फेंके थे सभी फँसते गए हम सब मियाँ उस जाल में
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मैं चाहता हूँ मोहब्बत मेरा वो हाल करे कि ख़्वाब में भी दोबारा कभी मजाल न हो
Jawwad Sheikh
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मुझे आज़ाद कर दो एक दिन सब सच बता कर तुम्हारे और उस के दरमियाँ क्या चल रहा है
Tehzeeb Hafi
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मैं तो सफों के दरमियाँ कब से पड़ा हूँ नीम जाँ, मेरे तमाम जाँ निसार मेरे लिए तो मर गए
Jaun Elia
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कभी अल्लाह मियाँ पूछेंगे तब उन को बताएँगे किसी को क्यूँ बताएँ हम इबादत क्यूँ नहीं करते
Farhat Ehsaas
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बहुत हसीन सही सोहबतें गुलों की मगर वो ज़िंदगी है जो काँटों के दरमियाँ गुज़रे
Jigar Moradabadi
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यार कुछ ना है हमारे पास साइल हम दुआएँ भी नहीं देते किसी को
Shiv
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ये साल भी काटा तिरी उम्मीद पर उम्मीद पर तू फिर खरा उतरा नहीं
Shiv
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दिलगीर मैं दिन रात ये बस सोच कर रह जाता हूँ गर ज़ख़्म देने वाला भर देता सभी ज़ख्मो को फिर
Shiv
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उसे कम कर रहा हूँ दिन-ब-दिन थोड़ा उसे इक दम से भूला जा नहीं सकता
Shiv
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यार देखो और हाथों को हिलाओ हैफ़ कोई रह रहा है बादलों में
Shiv
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