इक क़लम सी है किरदार 'सलमा' बस किताबत महज़ काम उस का
Related Sher
बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
751 likes
इश्क़ ने 'ग़ालिब' निकम्मा कर दिया वर्ना हम भी आदमी थे काम के
Mirza Ghalib
85 likes
मैं एक किरदार से बड़ा तंग हूँ क़लमकार मुझे कहानी में डाल ग़ुस्सा निकालना है
Umair Najmi
68 likes
सुख़न का जोश कम होता नहीं है वगरना क्या सितम होता नहीं है भले तुम काट दो बाज़ू हमारे क़लम का सर क़लम होता नहीं है
Baghi Vikas
65 likes
तू हर इक बात पे जो रूठ के जाने को कहता है तिरा किरदार है बेहद अहम मेरी कहानी में
nakul kumar
69 likes
More from Salma Malik
ये ज़िन्दगी जीने को बस ज़िंदादिली सलमा ज़रूरी है ये बे-दिली तो आदमी को बे-दिली से मार देती है
Salma Malik
0 likes
कज़ा की आरज़ू में जीते हैं 'सलमा' वगरना ज़िन्दगी ये मार ही डाले
Salma Malik
0 likes
ख़ुदा ने भी क्या ख़ूब ही ये ख़ुदाई बनाई, उठा कर इसी ख़ाक से ख़ाक में ही मिलाई
Salma Malik
0 likes
ज़ीस्त की थी जुस्तुजू अब भला हम क्या करें मौत का व्यापार था अब जिएँ या हम मरें सम्त सारी हैं कड़ी मुश्किलें 'सलमा' बड़ी मौत है अब आरज़ू ज़ीस्त का फिर क्या करें
Salma Malik
0 likes
यही वो वक़्त है जो आज हम बर्बाद करते हैं यही वो वक़्त है जो लौट कर वापस नहीं आता
Salma Malik
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Salma Malik.
Similar Moods
More moods that pair well with Salma Malik's sher.







