इस लिए सब हैं तालिबे जन्नत भूख लगती नहीं है जन्नत में
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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इसीलिए तो सब सेे ज़्यादा भाती हो कितने सच्चे दिल से झूठी क़स में खाती हो
Tehzeeb Hafi
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तुम सेे मिल कर हम ने जाना दिल तोड़ा भी जा सकता है
Vijay Anand Mahir
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मिले तो पूछना यारों ख़ुदा से वफ़ा होती नहीं क्यूँँ आदमी से
Vijay Anand Mahir
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जब देखे मैं ने बेचारे पत्थर आँखों से निकले तब खारे पत्थर
Vijay Anand Mahir
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इतनी प्यास नहीं है मुझ को जितना पानी मिल जाता है
Vijay Anand Mahir
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ग़ैर की बात मानते हैं अब ख़ुद की भी बात काटने वाले
Vijay Anand Mahir
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