मिले तो पूछना यारों ख़ुदा से वफ़ा होती नहीं क्यूँँ आदमी से
Related Sher
मिले किसी से गिरे जिस भी जाल पर मेरे दोस्त मैं उस को छोड़ चुका उस के हाल पर मेरे दोस्त ज़मीं पे सबका मुक़द्दर तो मेरे जैसा नहीं किसी के साथ तो होगा वो कॉल पर मेरे दोस्त
Ali Zaryoun
157 likes
मैं रस्मन कह रहा हूँ ''फिर मिलेंगे'' ये मत समझो कि वा'दा कर रहा हूँ
Zubair Ali Tabish
96 likes
आपने मुझ को डुबोया है किसी और जगह इतनी गहराई कहाँ होती है दरिया में
Tehzeeb Hafi
107 likes
अब के हम बिछड़े तो शायद कभी ख़्वाबों में मिलें जिस तरह सूखे हुए फूल किताबों में मिलें
Ahmad Faraz
95 likes
बात करो रूठे यारों से सन्नाटों से डर जाते हैं प्यार अकेला जी लेता है दोस्त अकेले मर जाते हैं
Kumar Vishwas
141 likes
More from Vijay Anand Mahir
तुम सेे मिल कर हम ने जाना दिल तोड़ा भी जा सकता है
Vijay Anand Mahir
1 likes
ख़ुशी तो बस ज़रा सी रह गई है उदासी ही उदासी रह गई है बदन की प्यास सारी मिट गई पर हमारी रूह प्यासी रह गई है
Vijay Anand Mahir
1 likes
सब-के-सब तेरे ही तो बंदे हैं इक बराबर दे बांटने वाले
Vijay Anand Mahir
1 likes
सुना जब से कभी हम भी थे मछली मोहब्बत हो गई 'माहिर' नदी से
Vijay Anand Mahir
1 likes
ग़ैर की बात मानते हैं अब ख़ुद की भी बात काटने वाले
Vijay Anand Mahir
2 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Vijay Anand Mahir.
Similar Moods
More moods that pair well with Vijay Anand Mahir's sher.







