जब देखे मैं ने बेचारे पत्थर आँखों से निकले तब खारे पत्थर
Related Sher
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
401 likes
माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख
Allama Iqbal
296 likes
उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
361 likes
ले दे के अपने पास फ़क़त इक नज़र तो है क्यूँँ देखें ज़िंदगी को किसी की नज़र से हम
Sahir Ludhianvi
174 likes
More from Vijay Anand Mahir
तुम सेे मिल कर हम ने जाना दिल तोड़ा भी जा सकता है
Vijay Anand Mahir
1 likes
मिले तो पूछना यारों ख़ुदा से वफ़ा होती नहीं क्यूँँ आदमी से
Vijay Anand Mahir
1 likes
इस लिए सब हैं तालिबे जन्नत भूख लगती नहीं है जन्नत में
Vijay Anand Mahir
2 likes
भले जीत कर वो बदन ले गया है मगर रूह पर है हुकूमत हमारी
Vijay Anand Mahir
2 likes
हसीं सूरत, फ़रेबी इन अदाओं पे नहीं मरते मिरे जैसे, तिरी जैसी बलाओं पे नहीं मरते समझ लीजे यही है फ़र्क़ मुझ में और रक़ीबों में तिरी पायल पे मरते हैं वो पावँ पे नहीं मरते
Vijay Anand Mahir
2 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Vijay Anand Mahir.
Similar Moods
More moods that pair well with Vijay Anand Mahir's sher.







