हसीं सूरत, फ़रेबी इन अदाओं पे नहीं मरते मिरे जैसे, तिरी जैसी बलाओं पे नहीं मरते समझ लीजे यही है फ़र्क़ मुझ में और रक़ीबों में तिरी पायल पे मरते हैं वो पावँ पे नहीं मरते
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
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वो अफ़्साना जिसे अंजाम तक लाना न हो मुमकिन उसे इक ख़ूब-सूरत मोड़ दे कर छोड़ना अच्छा
Sahir Ludhianvi
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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मिले तो पूछना यारों ख़ुदा से वफ़ा होती नहीं क्यूँँ आदमी से
Vijay Anand Mahir
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जब देखे मैं ने बेचारे पत्थर आँखों से निकले तब खारे पत्थर
Vijay Anand Mahir
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सब-के-सब तेरे ही तो बंदे हैं इक बराबर दे बांटने वाले
Vijay Anand Mahir
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एक दिन इश्क़ को भी काटेंगे इश्क़ में हाथ काटने वाले
Vijay Anand Mahir
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सुना जब से कभी हम भी थे मछली मोहब्बत हो गई 'माहिर' नदी से
Vijay Anand Mahir
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