इस लिए नहीं रोया अश'आर में वज़्न से बाहर थी मेरी सिसकियाँ
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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क्या सितम है, लोग मेरे दुख में भी बस फाइलातुन वाइलातुन देखते है
Saad Ahmad
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ज़ख़्म इतना किया हरा मैं ने उस में पौधा उगा दिया मैं ने
Saad Ahmad
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हर एक चौखट खुली हुई थी हर इक दरीचा खुला हुआ था कि उस की आमद पे दर यहाँ तक कि बेघरों का खुला हुआ था ये तेरी हम्म ने हमें ही उलझन में डाल रक्खा है वरना हम पर तमाम साइंस के फ़लसफ़ों का हर एक चिट्ठा खुला हुआ था
Saad Ahmad
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मुझ को बस उस की ख़ुशियों से मतलब है अर्जुन को बस आँख दिखाई देती है
Saad Ahmad
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और फिर लोग यही कहते फिरेंगे इक दिन यार कल ही तो मेरी बात हुई थी उस सेे
Saad Ahmad
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