sherKuch Alfaaz

इस सेे कमज़ोरी ही दुनिया को पता होती है बैन करने से कहीं दुख की दवा होती है

Related Sher

राम होने में या रावण में है अंतर इतना एक दुनिया को ख़ुशी दूसरा ग़म देता है हम ने रावण को बरस दर बरस जलाया है कौन है वो जो इसे फिर से जनम देता है

Kumar Vishwas

90 likes

तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो

Tehzeeb Hafi

1279 likes

सैर कर दुनिया की ग़ाफ़िल ज़िंदगानी फिर कहाँ ज़िंदगी गर कुछ रही तो ये जवानी फिर कहाँ

Khwaja Meer Dard

127 likes

मेरे होंटों पे अपनी प्यास रख दो और फिर सोचो कि इस के बा'द भी दुनिया में कुछ पाना ज़रूरी है

Waseem Barelvi

126 likes

हुस्न बला का क़ातिल हो पर आख़िर को बेचारा है इश्क़ तो वो क़ातिल जिस ने अपनों को भी मारा है ये धोखे देता आया है दिल को भी दुनिया को भी इस के छल ने खार किया है सहरा में लैला को भी

Jaun Elia

129 likes

More from Ashutosh Vdyarthi

मैं वो नाकाम मुसव्विर हूँ जो ख़ुद के हाथों एक उदासी के सिवा कुछ न बना पाया है

Ashutosh Vdyarthi

13 likes

जिन्हें सब लोग गूँगा बोलते हैं मेरे आगे वो ऊँचा बोलते हैं ख़मोशी बोलने वालों की सफ़ में हमीं सब सेे ज़ियादा बोलते हैं

Ashutosh Vdyarthi

40 likes

मेरे मिज़ाज की उस को ख़बर नहीं रही है ये बात मेरे गले से उतर नहीं रही है ये रोने-धोने का नाटक तवील मत कर अब बिछड़ भी जाए तू मुझ सेे तो मर नहीं रही है

Ashutosh Vdyarthi

47 likes

तोड़ कर तुझ को भला मेरा भी क्या बन जाता उल्टा मैं ख़ुद की मुहब्बत प सज़ा बन जाता जितनी कोशिश है तिरी एक तवज्जोह के लिए उस सेे कम में तो मैं दुनिया का ख़ुदा बन जाता

Ashutosh Vdyarthi

48 likes

कुल जोड़ घटाकर जो ये संसार का दुख है उतना तो मिरे इक दिल-ए-बेज़ार का दुख है शाइ'र हैं तो दुनिया से अलग थोड़ी हैं लोगों सबकी ही तरह हमपे भी घर बार का दुख है

Ashutosh Vdyarthi

52 likes

Similar Writers

View All ›

Our suggestions based on Ashutosh Vdyarthi.

Similar Moods

View All ›

More moods that pair well with Ashutosh Vdyarthi's sher.