मेरे मिज़ाज की उस को ख़बर नहीं रही है ये बात मेरे गले से उतर नहीं रही है ये रोने-धोने का नाटक तवील मत कर अब बिछड़ भी जाए तू मुझ सेे तो मर नहीं रही है
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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इस सेे कमज़ोरी ही दुनिया को पता होती है बैन करने से कहीं दुख की दवा होती है
Ashutosh Vdyarthi
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जिन्हें सब लोग गूँगा बोलते हैं मेरे आगे वो ऊँचा बोलते हैं ख़मोशी बोलने वालों की सफ़ में हमीं सब सेे ज़ियादा बोलते हैं
Ashutosh Vdyarthi
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मैं वो नाकाम मुसव्विर हूँ जो ख़ुद के हाथों एक उदासी के सिवा कुछ न बना पाया है
Ashutosh Vdyarthi
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तोड़ कर तुझ को भला मेरा भी क्या बन जाता उल्टा मैं ख़ुद की मुहब्बत प सज़ा बन जाता जितनी कोशिश है तिरी एक तवज्जोह के लिए उस सेे कम में तो मैं दुनिया का ख़ुदा बन जाता
Ashutosh Vdyarthi
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कुल जोड़ घटाकर जो ये संसार का दुख है उतना तो मिरे इक दिल-ए-बेज़ार का दुख है शाइ'र हैं तो दुनिया से अलग थोड़ी हैं लोगों सबकी ही तरह हमपे भी घर बार का दुख है
Ashutosh Vdyarthi
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