इज़हार करते रहते हैं वैसे तो कितने लोग अच्छा लगेगा पर मुझे तेरी ज़बान से
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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मुद्दतें गुज़र गई 'हिसाब' नहीं किया न जाने अब किस के कितने रह गए हम
Kumar Vishwas
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वो बस रस्मन लेे लेता है राय मेरी करनी उस को हरदम अपनी होती है
Ankit Maurya
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वो ग़ुस्से में सीधी बात नहीं करता तूफ़ानों में बारिश तिरछी होती है
Ankit Maurya
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इन के सहारे कुछ नए से धुन बनाऊँगा लाया हूँ उस के पाँव से घुँघरू निकाल कर
Ankit Maurya
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दुनिया तुली थी हम को बनाने पे देवता पर हम किसी भी हाल में पत्थर नहीं हुए
Ankit Maurya
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खोने नहीं दूँगा किसी भी शर्त पे इनको बस दोस्त ही हैं मर्द के ज़ेवर उसे कहना
Ankit Maurya
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