jaane kis dam nikal aae tere rukhsar ki dhup muddaton dhyan tere saya-e-dar par rakkha
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किसी गली में किराए पे घर लिया उस ने फिर उस गली में घरों के किराए बढ़ने लगे
Umair Najmi
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हम को दिल से भी निकाला गया फिर शहर से भी हम को पत्थर से भी मारा गया फिर ज़हरस भी
Azm Shakri
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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बस ये दिक़्क़त है भुलाने में उसे उस के बदले में किस को याद करें
Fahmi Badayuni
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इलाज अपना कराते फिर रहे हो जाने किस किस से मोहब्बत कर के देखो ना मोहब्बत क्यूँँ नहीं करते
Farhat Ehsaas
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हम अपनी धूप में बैठे हैं 'मुश्ताक़' हमारे साथ है साया हमारा
Ahmad Mushtaq
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यार सब जम्अ' हुए रात की ख़ामोशी में कोई रो कर तो कोई बाल बना कर आया
Ahmad Mushtaq
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ये पानी ख़ामुशी से बह रहा है इसे देखें कि इस में डूब जाएँ
Ahmad Mushtaq
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रोज़ मिलने पे भी लगता था कि जुग बीत गए इश्क़ में वक़्त का एहसास नहीं रहता है
Ahmad Mushtaq
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मैं बहुत ख़ुश था कड़ी धूप के सन्नाटे में क्यूँँ तेरी याद का बादल मेरे सर पर आया
Ahmad Mushtaq
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