जब तुझे रिश्ते निभाने का हुनर आ जाएगा तेरा दुश्मन ख़ुद ही चल कर तेरे घर आ जाएगा
Related Sher
बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
751 likes
हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
373 likes
गले मिलना न मिलना तो तेरी मर्ज़ी है लेकिन तेरे चेहरे से लगता है तेरा दिल कर रहा है
Tehzeeb Hafi
575 likes
ये दुख अलग है कि उस सेे मैं दूर हो रहा हूँ ये ग़म जुदा है वो ख़ुद मुझे दूर कर रहा है तेरे बिछड़ने पर लिख रहा हूँ मैं ताज़ा ग़ज़लें ये तेरा ग़म है जो मुझ को मशहूर कर रहा है
Tehzeeb Hafi
394 likes
मैं क्या कहूँ के मुझे सब्र क्यूँँ नहीं आता मैं क्या करूँँ के तुझे देखने की आदत है
Ahmad Faraz
118 likes
More from Meraj Faizabadi
ज़िंदा रहना है तो हालात से डरना कैसा जंग लाज़िम हो तो लश्कर नहीं देखे जाते
Meraj Faizabadi
22 likes
जाने कब चुभ जाए आँखों में कोई बे-रहम सच आइना भी देखने वालो सँभल कर देखना
Meraj Faizabadi
11 likes
ज़िंदगी भर तो कोई झूठ जिया है मैं ने तू जो आ जाए तो ये आख़िरी पल सच हो जाए
Meraj Faizabadi
14 likes
बहुत सताते हैं वो रिश्ते जो टूट जाते हैं ख़ुदा किसी को भी तौफ़ीक़-ए-आशनाई न दे
Meraj Faizabadi
6 likes
हमीं को क़ातिल कहेगी दुनिया हमारा ही क़त्ल-ए-आम होगा हमीं कुएँ खोदते फिरेंगे हमीं पे पानी हराम होगा अगर यही ज़ेहनियत रही तो मुझे ये डर है कि इस सदी में न कोई अब्दुल हमीद होगा न कोई अब्दुल कलाम होगा
Meraj Faizabadi
40 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Meraj Faizabadi.
Similar Moods
More moods that pair well with Meraj Faizabadi's sher.







