जाने कब चुभ जाए आँखों में कोई बे-रहम सच आइना भी देखने वालो सँभल कर देखना
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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मुद्दतें गुज़र गई 'हिसाब' नहीं किया न जाने अब किस के कितने रह गए हम
Kumar Vishwas
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वो लड़ कर भी सो जाए तो उस का माथा चूमूँ मैं उस से मोहब्बत एक तरफ़ है उस से झगड़ा एक तरफ़
Varun Anand
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बहुत सताते हैं वो रिश्ते जो टूट जाते हैं ख़ुदा किसी को भी तौफ़ीक़-ए-आशनाई न दे
Meraj Faizabadi
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जब तुझे रिश्ते निभाने का हुनर आ जाएगा तेरा दुश्मन ख़ुद ही चल कर तेरे घर आ जाएगा
Meraj Faizabadi
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मैं सारी उम्र अँधेरों में काट सकता हूँ मेरे दियों को मगर रौशनी पराई न दे
Meraj Faizabadi
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ज़िंदगी भर तो कोई झूठ जिया है मैं ने तू जो आ जाए तो ये आख़िरी पल सच हो जाए
Meraj Faizabadi
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हमीं को क़ातिल कहेगी दुनिया हमारा ही क़त्ल-ए-आम होगा हमीं कुएँ खोदते फिरेंगे हमीं पे पानी हराम होगा अगर यही ज़ेहनियत रही तो मुझे ये डर है कि इस सदी में न कोई अब्दुल हमीद होगा न कोई अब्दुल कलाम होगा
Meraj Faizabadi
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