जब तुझे याद कर लिया सुब्ह महक महक उठी जब तेरा ग़म जगा लिया रात मचल मचल गई
Related Sher
हम को यारों ने याद भी न रखा 'जौन' यारों के यार थे हम तो
Jaun Elia
185 likes
हार हो जाती है जब मान लिया जाता है जीत तब होती है जब ठान लिया जाता है
Shakeel Azmi
174 likes
इसीलिए तो मैं रोया नहीं बिछड़ते समय तुझे रवाना किया है जुदा नहीं किया है
Ali Zaryoun
183 likes
घर में भी दिल नहीं लग रहा काम पर भी नहीं जा रहा जाने क्या ख़ौफ़ है जो तुझे चूम कर भी नहीं जा रहा रात के तीन बजने को है यार ये कैसा महबूब है जो गले भी नहीं लग रहा और घर भी नहीं जा रहा
Tehzeeb Hafi
294 likes
ये शहर-ए-अजनबी में अब किसे जा कर बताएँ हम कहाँ के रहने वाले हैं कहाँ की याद आती है
Ashu Mishra
117 likes
More from Faiz Ahmad Faiz
ये दाग़ दाग़ उजाला ये शब-गज़ीदा सहर वो इंतिज़ार था जिस का ये वो सहर तो नहीं
Faiz Ahmad Faiz
21 likes
ज़िंदगी क्या किसी मुफ़लिस की क़बा है जिस में हर घड़ी दर्द के पैवंद लगे जाते हैं
Faiz Ahmad Faiz
25 likes
उन्हीं के फ़ैज़ से बाज़ार-ए-अक़्ल रौशन है, जो गाह गाह जुनूँ इख़्तियार करते रहे
Faiz Ahmad Faiz
20 likes
दिल से तो हर मोआ'मला कर के चले थे साफ़ हम कहने में उन के सामने बात बदल बदल गई
Faiz Ahmad Faiz
27 likes
हम शैख़, न लीडर, न मुसाहिब, न सहाफ़ी जो ख़ुद नहीं करते वो हिदायत न करेंगे
Faiz Ahmad Faiz
26 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Faiz Ahmad Faiz.
Similar Moods
More moods that pair well with Faiz Ahmad Faiz's sher.







