जब ज़रा रात हुई और मह ओ अंजुम आए बार-हा दिल ने ये महसूस किया तुम आए
Related Sher
मेहरबाँ हम पे हर इक रात हुआ करती थी आँख लगते ही मुलाक़ात हुआ करती थी हिज्र की रात है और आँख में आँसू भी नहीं ऐसे मौसम में तो बरसात हुआ करती थी
Ismail Raaz
140 likes
किस ने दस्तक दी ये दिल पर कौन है आप तो अंदर हैं बाहर कौन है
Rahat Indori
141 likes
दिल से साबित करो कि ज़िंदा हो साँस लेना कोई सुबूत नहीं
Fahmi Badayuni
139 likes
बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
1244 likes
तुम्हें इक मश्वरा दूँ सादगी से कह दो दिल की बात बहुत तैयारियाँ करने में गाड़ी छूट जाती है
Zubair Ali Tabish
120 likes
More from Asad Bhopali
न आया ग़म भी मोहब्बत में साज़गार मुझे वो ख़ुद तड़प गए देखा जो बे-क़रार मुझे
Asad Bhopali
18 likes
फ़र्क़ इतना है कि तू पर्दे में और मैं बे-हिजाब वर्ना मैं अक्स-ए-मुकम्मल हूँ तिरी तस्वीर का
Asad Bhopali
16 likes
अजब अंदाज़ के शाम-ओ-सहर हैं कोई तस्वीर हो जैसे अधूरी
Asad Bhopali
19 likes
ये आँसू ढूँडता है तेरा दामन मुसाफ़िर अपनी मंज़िल जानता है
Asad Bhopali
23 likes
ऐसे इक़रार में इनकार के सौ पहलू हैं वो तो कहिए कि लबों पे न तबस्सुम आए
Asad Bhopali
23 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Asad Bhopali.
Similar Moods
More moods that pair well with Asad Bhopali's sher.







