जहाँ पंखा चल रहा है वहीं रस्सी भी पड़ी है मुझे फिर ख़याल आया, अभी ज़िन्दगी पड़ी है
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जनाज़े पर मेरे लिख देना यारों मोहब्बत करने वाला जा रहा है
Rahat Indori
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भीगीं पलकें देख कर तू क्यूँँ रुका है ख़ुश हूँ मैं वो तो मेरी आँख में कुछ आ गया है ख़ुश हूँ मैं वो किसी के साथ ख़ुश था कितने दुख की बात थी अब मेरे पहलू में आ कर रो रहा है ख़ुश हूँ मैं
Zubair Ali Tabish
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अब मैं सारे जहाँ में हूँ बदनाम अब भी तुम मुझ को जानती हो क्या
Jaun Elia
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अपने में'यार से नीचे तो मैं आने से रहा शे'र भूखा हूँ मगर घास तो खाने से रहा
Mehshar Afridi
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कोई काँटा कोई पत्थर नहीं है तो फिर तू सीधे रस्ते पर नहीं है मैं इस दुनिया के अंदर रह रहा हूँ मगर दुनिया मेरे अंदर नहीं है
Zubair Ali Tabish
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हमारा दिल तो हमेशा से इक जगह पर है तुम्हारा दर्द ही रस्ता भटक गया होगा
Zubair Ali Tabish
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ऊँचे नीचे घर थे बस्ती में बहुत ज़लज़ले ने सब बराबर कर दिए
Zubair Ali Tabish
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तुम्हारा सिर्फ़ हवाओं पे शक गया होगा चराग़ ख़ुद भी तो जल जल के थक गया होगा
Zubair Ali Tabish
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आइना कब बनाओगे मुझ को मुझ से किस दिन मिलाओगे मुझ को
Zubair Ali Tabish
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जहाँ तक आके तुम वापस गए हो वहाँ अब तक कोई पहुँचा नहीं है
Zubair Ali Tabish
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