जब से हुआ है कंधे से बस्ते का बोझ कम बढ़ते ही जा रहे हैं मेरी ज़िंदगी में ग़म
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अब लगता है ठीक कहा था 'ग़ालिब' ने बढ़ते बढ़ते दर्द दवा हो जाता है
Madan Mohan Danish
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मसअला ये नहीं कि इश्क़ हुआ है हम को मसअला ये है कि इज़हार किया जाना है
Rajesh Reddy
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आदमी देश छोड़े तो छोड़े 'अली' दिल में बसता हुआ घर नहीं छोड़ता एक मैं हूँ कि नींदें नहीं आ रही एक तू है कि बिस्तर नहीं छोड़ता
Ali Zaryoun
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इलाज अपना कराते फिर रहे हो जाने किस किस से मोहब्बत कर के देखो ना मोहब्बत क्यूँँ नहीं करते
Farhat Ehsaas
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कोरे काग़ज़ पर रो रहे हो तुम मैं तो समझा पढ़े लिखे हो तुम क्या कहा मुझ सेे दूर जाना है इस का मतलब है जा चुके हो तुम
Zubair Ali Tabish
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वो बस रस्मन लेे लेता है राय मेरी करनी उस को हरदम अपनी होती है
Ankit Maurya
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मुझ को गया था छोड़ के वो कितने तैश में लेकिन ख़ुशी से रह न सका एक साल भी
Ankit Maurya
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खोने नहीं दूँगा किसी भी शर्त पे इनको बस दोस्त ही हैं मर्द के ज़ेवर उसे कहना
Ankit Maurya
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हर घड़ी कर रही नज़दीक बिछड़ने के मुझे घड़ी मुझ सेे तेरा चलना नहीं देखा जाता
Ankit Maurya
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वो ग़ुस्से में सीधी बात नहीं करता तूफ़ानों में बारिश तिरछी होती है
Ankit Maurya
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