jin ki khatir shahr bhi chhoda jin ke liye badnam hue aaj wahi hum se begane begane se rahte hain
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वो लड़ कर भी सो जाए तो उस का माथा चूमूँ मैं उस से मोहब्बत एक तरफ़ है उस से झगड़ा एक तरफ़
Varun Anand
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बड़े नादान हो तुम भी ज़रा समझा करो बातें गले मिल कर जो रोती है बिछड़ कर कितना रोएगी
Ankita Singh
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मैं ने उस सेे प्यार किया है मिल्किय्यत का दावा नइँ वो जिस के भी साथ है मैं उस को भी अपना मानता हूँ
Ali Zaryoun
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किस लिए देखती हो आईना तुम तो ख़ुद से भी ख़ूब-सूरत हो
Jaun Elia
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अब मैं सारे जहाँ में हूँ बदनाम अब भी तुम मुझ को जानती हो क्या
Jaun Elia
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लाख कहते रहें ज़ुल्मत को न ज़ुल्मत लिखना हम ने सीखा नहीं प्यारे ब-इजाज़त लिखना
Habib Jalib
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पा सकेंगे न उम्र भर जिस को जुस्तुजू आज भी उसी की है
Habib Jalib
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वो देखने मुझे आना तो चाहता होगा मगर ज़माने की बातों से डर गया होगा
Habib Jalib
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एक हमें आवारा कहना कोई बड़ा इल्ज़ाम नहीं दुनिया वाले दिल वालों को और बहुत कुछ कहते हैं
Habib Jalib
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कुछ लोग ख़यालों से चले जाएँ तो सोएँ बीते हुए दिन रात न याद आएँ तो सोएँ
Habib Jalib
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