जीवन के दिन चार ही फेर मरूँगा मैं या'नी चार ही दिन और प्यार करूँँगा मैं
Related Sher
ये दुख अलग है कि उस सेे मैं दूर हो रहा हूँ ये ग़म जुदा है वो ख़ुद मुझे दूर कर रहा है तेरे बिछड़ने पर लिख रहा हूँ मैं ताज़ा ग़ज़लें ये तेरा ग़म है जो मुझ को मशहूर कर रहा है
Tehzeeb Hafi
394 likes
उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
361 likes
माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख
Allama Iqbal
296 likes
मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
388 likes
मर चुका है दिल मगर ज़िंदा हूँ मैं ज़हर जैसी कुछ दवाएँ चाहिए पूछते हैं आप आप अच्छे तो हैं जी मैं अच्छा हूँ दुआएँ चाहिए
Jaun Elia
302 likes
More from Vijay Potter Singhadiya
यार पूरा कैसे मेरा प्यार होता प्यार का तो नाम ही पूरा नहीं है
Vijay Potter Singhadiya
7 likes
इक मतला इक ताज़ा शे'र सुना लेते हैं बेकारी है तो अब लोग मज़ा लेते हैं शे'र तो क्या तुम यार ग़ज़ल ही चुरा लो मेरी वालिद का जूठा तो बच्चे खा लेते हैं
Vijay Potter Singhadiya
7 likes
मौक़ा मिल जाए तो ज़ोन नहीं मिलता डूबोगे, उल्फ़त में लोन नहीं मिलता ये लड़कियों का एक बहाना होता है माँ घर पे रहती है फोन नहीं मिलता
Vijay Potter Singhadiya
7 likes
उन से तो दुश्मन ही अच्छे धोखा तो बोल के देते हैं
Vijay Potter Singhadiya
8 likes
सब कहते हैं काला अच्छा नइं होता लेकिन तुम ने उस का काजल देखा है
Vijay Potter Singhadiya
8 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Vijay Potter Singhadiya.
Similar Moods
More moods that pair well with Vijay Potter Singhadiya's sher.







