जो ग़म लिखा है पहले सहा है उसे मैं ने मेरी लिखी ग़ज़लें ज़रा भी आम नहीं हैं
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है
Allama Iqbal
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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तुम्हारा मेरी नाकामी से वाक़िफ़ होना बेहद ही ज़रूरी है तुम्हारा क़ामयाबी पर मेरी हैरान होने के लिए जानाँ
Jagat Singh
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वहीं पर मैं मरूँगा जिस जगह गाहे किसी को देख कर मुँह फेरा हो तू ने
Jagat Singh
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ख़ूब-सूरत से महकने वाले ये इक फूल जैसी ज़िंदगी गर तोड़ दो रब से तो मुरझा जाती है सब
Jagat Singh
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मन के सारे सपने सपने रह गए कितने थे हम और कितने रह गए जल चुका सब फिर भी ऐसा लगता है कोयले कुछ अब भी तपने रह गए
Jagat Singh
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नज़र आना तेरा चेहरा मेरे जीने का साधन है तुझे बस मुड़ के तकना है मुझे साँसें चलानी हैं
Jagat Singh
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