जो चुप रहा तो वो समझेगा बद-गुमान मुझे बुरा भला ही सही कुछ तो बोल आऊँ मैं
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ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
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कुछ न कुछ बोलते रहो हम सेे चुप रहोगे तो लोग सुन लेंगे
Fahmi Badayuni
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क्या ख़बर कौन था वो, और मेरा क्या लगता था जिस सेे मिल कर मुझे, हर शख़्स बुरा लगता था
Tehzeeb Hafi
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एक नज़र देखते तो जाओ मुझे कब कहा है गले लगाओ मुझे तुम को नुस्ख़ा भी लिख के दे दूँगा ज़ख़्म तो ठीक से दिखाओ मुझे
Zia Mazkoor
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तुम्हारे बा'द ये दुख भी तो सहना पड़ रहा है किसी के साथ मजबूरी में रहना पड़ रहा है
Ali Zaryoun
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वो अपनी नफ़रतों को कहाँ जा के बाँटता उस के लिए तो शहर में आसान मैं ही था
Iftikhar Imam Siddiqi
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वो ख़्वाब था बिखर गया ख़याल था मिला नहीं मगर ये दिल को क्या हुआ क्यूँँ बुझ गया पता नहीं
Iftikhar Imam Siddiqi
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ग़म ही चाँदी है ग़म ही सोना है ग़म न होगा तो क्या ख़ुशी होगी
Iftikhar Imam Siddiqi
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