एक नज़र देखते तो जाओ मुझे कब कहा है गले लगाओ मुझे तुम को नुस्ख़ा भी लिख के दे दूँगा ज़ख़्म तो ठीक से दिखाओ मुझे
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ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
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ज़रा ठहरो कि शब फीकी बहुत है तुम्हें घर जाने की जल्दी बहुत है ज़रा नज़दीक आ कर बैठ जाओ तुम्हारे शहर में सर्दी बहुत है
Zubair Ali Tabish
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अपने दिल में बसाओगे हम को और गले से लगाओगे हम को हम नहीं इतने प्यार के क़ाबिल तुम तो पागल बनाओगे हम को
Abrar Kashif
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मैं चूमता हूँ तो वो हाथ खींच लेता है उसे पता है ये सीढ़ी कहाँ पे जानी है
Nadir Ariz
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कुछ न रह सका जहाँ विरानियाँ तो रह गईं तुम चले गए तो क्या कहानियाँ तो रह गईं
Khalil Ur Rehman Qamar
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आप का काम हो गया साहब लाश दरिया में फेंक दी मैं ने
Zia Mazkoor
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कोई कहता नहीं था लौट आओ कि हम पैसे ही इतने भेजते थे तुम्हारा शुक्रिया ऐ डूबती नाव कि हम भी तैरना भूले हुए थे
Zia Mazkoor
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चारा-गर ऐ चारा-गर चिल्लाती थी ज़ख़्मों को भी हाथ नहीं लगवाती थी पता नहीं कैसा माहौल था उस के घर बुर्का पहन के शर्टें लेने आती थी
Zia Mazkoor
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ऐसे तेवर दुश्मन ही के होते हैं पता करो ये लड़की किस की बेटी है
Zia Mazkoor
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यहाँ से जाने की जल्दी किस को है तुम बताओ ये सूटकेसों में कपड़े किस ने रखे हुए हैं करा तो लूँगा इलाक़ा ख़ाली मैं लड़-झगड़ कर मगर जो उस ने दिलों पे क़ब्ज़े किए हुए हैं
Zia Mazkoor
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