जो हुए हैं सृजित उन को ढहना ही है, तीर की खोज में सब को बहना ही है पीर सब को यहाँ होती जीवन में पर, रोज़ सहना यहाँ फिर भी रहना ही है
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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मंज़िलें क्या हैं, रास्ता क्या है हौसला हो तो फ़ासला क्या है
Aalok Shrivastav
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उस को फ़ुर्सत नहीं मिलती कि पलट कर देखे हम ही दीवाने हैं दीवाने बने रहते हैं
Waseem Barelvi
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ये शहर-ए-अजनबी में अब किसे जा कर बताएँ हम कहाँ के रहने वाले हैं कहाँ की याद आती है
Ashu Mishra
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वचन आपने जो निभाया नहीं था, इरादा हमें क्यूँ जताया नहीं था तुम्हारे हृदय के भवन में बहुत हैं, हमें ये कभी क्यूँ बताया नहीं था
Kavi Naman bharat
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जमाना समझता हमारा विरह है बिछड़ के अलग हम हुए ही नहीं हैं
Kavi Naman bharat
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ये जो सारा ज़माना मुझे चाहता एक तुम हो हमें जो नहीं चाहते
Kavi Naman bharat
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सुनी बात जग की,तो ऐसा हुआ फिर, जले जल में रघुवर,सिया के विरह में
Kavi Naman bharat
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कहानी बेबफाओं की ,तिरा किरदार लगती हैं, प्रणय राहें भी अब हम को, व्यथा आधार लगती हैं कभी उस ने दिया धोखा, हमें तो प्यार में जैसा, हमें तो प्यार की बातें ,सभी बेकार लगती हैं
Kavi Naman bharat
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