जो तुम्हें मंज़िल पे ले जाएँगी वो राहें अलग हैं मैं वो रस्ता हूँ कि जिस पर तुम भटक कर आ गई हो
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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गिफ़्ट कर देता हूँ उस को मैं किताबें, लेकिन उन को पढ़ लेने की मोहलत नहीं देता उस को
Harman Dinesh
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यूँँ तो सर्कस में हम बहुत ख़ुश हैं फिर भी जंगल तो यार जंगल था
Harman Dinesh
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भूल जाना तुझे नहीं मुश्किल जानता हूँ, मगर नहीं होता
Harman Dinesh
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तेरे वादों को फिर से पढ़ रहा हूँ तेरे ख़त पानी पानी हो रहे हैं
Harman Dinesh
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उस को राँझा मत कहो, जो ना हुआ फ़क़ीर जो ना जोगन हो सकी, सो काहे की हीर!
Harman Dinesh
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