जुगनुओं को रौशनी का यूँँ पता देता हूँ मैं जल रहे कमरे की बत्ती को बुझा देता हूँ मैं
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बिठा दिया है सिपाही के दिल में डर उस ने तलाशी दी है दुपट्टा उतार कर उस ने मैं इस लिए भी उसे ख़ुद-कुशी से रोकता हूँ लिखा हुआ है मेरा नाम जिस्म पर उस ने
Zia Mazkoor
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इश्क़ में ये दावा तो नईं है मैं ही अव्वल आऊँगा लेकिन इतना कह सकता हूँ अच्छे नंबर लाऊँगा
Zubair Ali Tabish
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मैं चाहता हूँ मोहब्बत मेरा वो हाल करे कि ख़्वाब में भी दोबारा कभी मजाल न हो
Jawwad Sheikh
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उस की जुल्फ़ें उदास हो जाए इस-क़दर रौशनी भी ठीक नहीं तुम ने नाराज़ होना छोड़ दिया इतनी नाराज़गी भी ठीक नहीं
Fahmi Badayuni
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मैं चूमता हूँ तो वो हाथ खींच लेता है उसे पता है ये सीढ़ी कहाँ पे जानी है
Nadir Ariz
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उस की आँखें याद हैं मुझ को उस का चेहरा याद नहीं है
Vivek Vistar
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यहाँ हम ने सँभाला होश है जबसे तभी से हो रहीं रफ़्तार की बातें
Vivek Vistar
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उस की आँखों में खोया है सब कुछ अपना इश्क़ किया है इतना तो जुर्माना होगा
Vivek Vistar
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रोज़ जय श्रीराम या अल्लाहू अकबर पर लड़े क्यूँ सभी जय हिंद का नारा लगा सकते नहीं
Vivek Vistar
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टूटा दिल तोड़ा कैसे जाए, तुम सेे सीखा है अपनों को छोड़ा कैसे जाए, तुम सेे सीखा है सबके मुआफ़िक़ बातें करना तो आता था लेकिन बात का रुख़ मोड़ा कैसे जाए, तुम सेे सीखा है
Vivek Vistar
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