यहाँ हम ने सँभाला होश है जबसे तभी से हो रहीं रफ़्तार की बातें
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ये वो क़बीला है जो हुस्न को ख़ुदा माने यहाँ पे कौन तेरी बात का बुरा माने इशारा कर दिया है आप की तरफ़ मैं ने ये बच्चे पूछ रहे थे कि बे-वफ़ा माने
Kushal Dauneria
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रक़ीब आ कर बताते हैं यहाँ तिल है वहाँ तिल है हमें ये जानकारी थी मियाँ पहले बहुत पहले
Anand Raj Singh
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तुम्हारा दिल यहाँ पर खो गया तो कैसी हैरत है बरेली में तो झुमके तक निकल जाते हैं कानों से
Ashu Mishra
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न कोई बीन बजाई न टोकरी खोली बस एक फोन मिलाने पे साँप बैठा है कोई भी लड़की अकेली नज़र नहीं आती यहाँ हर एक ख़जाने पे साँप बैठा है
Muzdum Khan
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ये जो मैं होश में रहता नहीं तुम सेे मिल कर ये मिरा इश्क़ है तुम इस को नशा मत समझो
Shakeel Azmi
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वो बहकर जब निकलती है हिमालय–आशियाने से उसी गंगा का होना मन–इलाहाबाद करता है
Vivek Vistar
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पिछला शे'र मुक़र्रर कर दो अगला मिसरा याद नहीं है
Vivek Vistar
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टूटा दिल तोड़ा कैसे जाए, तुम सेे सीखा है अपनों को छोड़ा कैसे जाए, तुम सेे सीखा है सबके मुआफ़िक़ बातें करना तो आता था लेकिन बात का रुख़ मोड़ा कैसे जाए, तुम सेे सीखा है
Vivek Vistar
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रोज़ जय श्रीराम या अल्लाहू अकबर पर लड़े क्यूँ सभी जय हिंद का नारा लगा सकते नहीं
Vivek Vistar
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उस की आँखें याद हैं मुझ को उस का चेहरा याद नहीं है
Vivek Vistar
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