sherKuch Alfaaz

कभी घर पर कभी बाहर तुम्हारी बात करता हूँ ज़ियादा तो नहीं दिनभर तुम्हारी बात करता हूँ तुम्हारी बातें कर-कर के ही तो मैं बन गया शाइ'र मैं शाइ'र हूँ सो मैं अक्सर तुम्हारी बात करता हूँ

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