ये ज़िन्दगी कुछ इस तरह से पास मेरे आई है अब तो अमित केवल यहाँ तन्हाई ही तन्हाई है
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मैं अगर अपनी जवानी के सुना दूँ क़िस्से ये जो लौंडे हैं मेरे पाँव दबाने लग जाए
Mehshar Afridi
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तरीक़े और भी हैं इस तरह परखा नहीं जाता चराग़ों को हवा के सामने रक्खा नहीं जाता मोहब्बत फ़ैसला करती है पहले चंद लम्हों में जहाँ पर इश्क़ होता है वहाँ सोचा नहीं जाता
Abrar Kashif
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मेरे होंटों पे अपनी प्यास रख दो और फिर सोचो कि इस के बा'द भी दुनिया में कुछ पाना ज़रूरी है
Waseem Barelvi
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सैर कर दुनिया की ग़ाफ़िल ज़िंदगानी फिर कहाँ ज़िंदगी गर कुछ रही तो ये जवानी फिर कहाँ
Khwaja Meer Dard
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जनाज़े पर मेरे लिख देना यारों मोहब्बत करने वाला जा रहा है
Rahat Indori
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ज़िक्र करता था जो दिन भर उस का हिज्र में मर गया शायर उस का सुनता रहता हूँ पशेमाँ हो कर ज़िक्र जब करते हैं दीगर उस का
Daqiiq Jabaalii
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क्यूँ छोड़ कर गया तू मुझे ऐसे हाल में क्या एक बार भी तुझे ग़ैरत नहीं हुई
Daqiiq Jabaalii
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क्या है कि अपने आप में मग़रूर है बहुत वो शख़्स हम से इस लिए तो दूर है बहुत हम को हमारा कूचा भी पहचानता नहीं और वो कि अपने शहर में मशहूर है बहुत
Daqiiq Jabaalii
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इस उदासी से सन गए हम लोग और पत्थर के बन गए हम लोग
Daqiiq Jabaalii
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पत्थरों के बुतों में धड़कनें लाएँ कैसे बेवफ़ाओं को वफ़ा करना सिखाएँ कैसे
Daqiiq Jabaalii
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